होम / पूजा बुकिंग / ग्रहण दोष पूजा

ग्रहण दोष पूजा

कुंडली के सूर्य ग्रहण दोष एवं चंद्र ग्रहण दोष की शांति के लिए उज्जैन के महाकाल क्षेत्र, रामघाट एवं शिप्रा तट पर कराया जाने वाला वैदिक अनुष्ठान।

अवधि
2–4 घंटे
पंडित
वैदिक विद्वान
स्थान
महाकाल क्षेत्र, उज्जैन
शुल्क
संपर्क करें
Significance

ग्रहण दोष पूजा का महत्व

ग्रहण दोष पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जो पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण दोष एवं चंद्र ग्रहण दोष की शांति के लिए किया जाता है। जब जन्म कुंडली में सूर्य या चंद्रमा का संबंध राहु या केतु से बनता है, तब इसे ग्रहण दोष माना जाता है।

इस पूजा में सूर्य, चंद्रमा, राहु-केतु एवं नवग्रहों की शांति के लिए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं दान आदि धार्मिक विधियां की जाती हैं। उज्जैन भगवान महाकालेश्वर की नगरी होने के कारण शांति अनुष्ठानों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

उज्जैन भगवान महाकालेश्वर की नगरी एवं प्राचीन धार्मिक नगरी है।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यहाँ ग्रह शांति, रुद्राभिषेक एवं दोष निवारण जैसे वैदिक अनुष्ठान कराए जाते हैं।

Benefits

ग्रहण दोष पूजा से लाभ

शास्त्रों एवं परंपरा के अनुसार प्राप्त होने वाले प्रमुख फल

मानसिक शांति

मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास।

बाधाओं की शांति

जीवन की बाधाओं की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।

परिवार में सुख-शांति

परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है।

करियर एवं व्यवसाय

करियर एवं व्यवसाय में सफलता के लिए प्रार्थना की जाती है।

राहु-केतु शांति

राहु-केतु एवं नवग्रहों की शांति के लिए अनुष्ठान।

आत्मविश्वास एवं शक्ति

आत्मविश्वास एवं आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने का प्रयास।

Procedure

पूजा विधि

संकल्प से आरती तक — संपूर्ण अनुष्ठान इस क्रम में संपन्न होता है

01

संकल्प पूजा

जातक का नाम, गोत्र एवं पूजा उद्देश्य लेकर संकल्प किया जाता है।

02

गणेश पूजन

सभी शुभ कार्यों के लिए भगवान गणेश का पूजन किया जाता है।

03

नवग्रह पूजन

सभी ग्रहों का आह्वान एवं पूजन किया जाता है।

04

सूर्य-चंद्र एवं राहु-केतु मंत्र जाप

संबंधित ग्रहों की शांति के लिए मंत्रों का जाप किया जाता है।

05

हवन एवं पूर्णाहुति

विशेष मंत्रों के साथ हवन किया जाता है।

06

आरती एवं प्रसाद वितरण

अंत में आरती की जाती है और प्रसाद वितरण होता है।

WHO SHOULD

कौन यह पूजा कराए

ग्रहण दोष पूजा सामान्यतः इन परिस्थितियों में कराई जाती है।

कुंडली में दोष

कुंडली में ग्रहण दोष बताया गया हो।

ग्रहण में जन्म

सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय जन्म हुआ हो।

बार-बार बाधाएं

बार-बार बाधाओं का अनुभव होने पर।

करियर में रुकावट

करियर या व्यवसाय में रुकावट आने पर।

अनुभवी वैदिक पंडित
संपूर्ण पूजा सामग्री
संकल्प पूजा
ग्रहण दोष शांति अनुष्ठान
राहु-केतु मंत्र जाप
हवन एवं पूर्णाहुति
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य या चंद्रमा का संबंध राहु या केतु से बनता है, तब ग्रहण दोष माना जाता है।
हाँ, उज्जैन में अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा ग्रहण दोष शांति पूजा की व्यवस्था उपलब्ध है।
हाँ, उपलब्ध सुविधा के अनुसार ऑनलाइन संकल्प एवं लाइव पूजा की व्यवस्था की जा सकती है।
सेवा व्यवस्था के अनुसार पूजा प्रसाद उपलब्ध कराया जा सकता है।
शुल्क हेतु संपर्क करें

ग्रहण दोष पूजा अभी बुक करें

तिथि चुनें, संकल्प विवरण दें और तुरंत पुष्टि पाएं। किसी सहायता के लिए हमें कॉल करें।