ग्रहण दोष पूजा
कुंडली के सूर्य ग्रहण दोष एवं चंद्र ग्रहण दोष की शांति के लिए उज्जैन के महाकाल क्षेत्र, रामघाट एवं शिप्रा तट पर कराया जाने वाला वैदिक अनुष्ठान।
ग्रहण दोष पूजा का महत्व
ग्रहण दोष पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जो पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण दोष एवं चंद्र ग्रहण दोष की शांति के लिए किया जाता है। जब जन्म कुंडली में सूर्य या चंद्रमा का संबंध राहु या केतु से बनता है, तब इसे ग्रहण दोष माना जाता है।
इस पूजा में सूर्य, चंद्रमा, राहु-केतु एवं नवग्रहों की शांति के लिए मंत्र जाप, पूजन, हवन एवं दान आदि धार्मिक विधियां की जाती हैं। उज्जैन भगवान महाकालेश्वर की नगरी होने के कारण शांति अनुष्ठानों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यहाँ ग्रह शांति, रुद्राभिषेक एवं दोष निवारण जैसे वैदिक अनुष्ठान कराए जाते हैं।
ग्रहण दोष पूजा से लाभ
शास्त्रों एवं परंपरा के अनुसार प्राप्त होने वाले प्रमुख फल
मानसिक शांति
मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास।
बाधाओं की शांति
जीवन की बाधाओं की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
परिवार में सुख-शांति
परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है।
करियर एवं व्यवसाय
करियर एवं व्यवसाय में सफलता के लिए प्रार्थना की जाती है।
राहु-केतु शांति
राहु-केतु एवं नवग्रहों की शांति के लिए अनुष्ठान।
आत्मविश्वास एवं शक्ति
आत्मविश्वास एवं आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने का प्रयास।
पूजा विधि
संकल्प से आरती तक — संपूर्ण अनुष्ठान इस क्रम में संपन्न होता है
संकल्प पूजा
जातक का नाम, गोत्र एवं पूजा उद्देश्य लेकर संकल्प किया जाता है।
गणेश पूजन
सभी शुभ कार्यों के लिए भगवान गणेश का पूजन किया जाता है।
नवग्रह पूजन
सभी ग्रहों का आह्वान एवं पूजन किया जाता है।
सूर्य-चंद्र एवं राहु-केतु मंत्र जाप
संबंधित ग्रहों की शांति के लिए मंत्रों का जाप किया जाता है।
हवन एवं पूर्णाहुति
विशेष मंत्रों के साथ हवन किया जाता है।
आरती एवं प्रसाद वितरण
अंत में आरती की जाती है और प्रसाद वितरण होता है।
कौन यह पूजा कराए
ग्रहण दोष पूजा सामान्यतः इन परिस्थितियों में कराई जाती है।
कुंडली में दोष
कुंडली में ग्रहण दोष बताया गया हो।
ग्रहण में जन्म
सूर्य या चंद्र ग्रहण के समय जन्म हुआ हो।
बार-बार बाधाएं
बार-बार बाधाओं का अनुभव होने पर।
करियर में रुकावट
करियर या व्यवसाय में रुकावट आने पर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रहण दोष कैसे बनता है?
क्या ग्रहण दोष पूजा उज्जैन में कराई जा सकती है?
क्या ऑनलाइन ग्रहण दोष पूजा कराई जा सकती है?
पूजा के बाद प्रसाद मिल सकता है?
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