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नव चंडी एवं शत चंडी अनुष्ठान

माँ दुर्गा के चंडी स्वरूप को समर्पित अनुष्ठान, जो शक्ति, सुरक्षा एवं बाधाओं की शांति के लिए उज्जैन के महाकाल क्षेत्र व शिप्रा तट पर कराया जाता है।

अवधि
1 दिन या अधिक
पंडित
वैदिक विद्वान
स्थान
महाकाल क्षेत्र, उज्जैन
शुल्क
संपर्क करें
Significance

नव चंडी एवं शत चंडी अनुष्ठान का महत्व

नव चंडी एवं शत चंडी अनुष्ठान माँ दुर्गा के चंडी स्वरूप को समर्पित एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है। माँ दुर्गा को शक्ति, साहस और रक्षा की देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अनुष्ठान शक्ति, सुरक्षा, शांति एवं जीवन में आने वाली बाधाओं की शांति के लिए किया जाता है।

इसमें दुर्गा सप्तशती पाठ, चंडी मंत्र जाप, नवग्रह पूजन एवं हवन द्वारा माँ भगवती की आराधना की जाती है। नव चंडी में चंडी पाठ नौ बार तथा शत चंडी में सौ बार किया जाता है। उज्जैन प्राचीन धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है।

माँ दुर्गा को शक्ति, साहस और रक्षा की देवी माना जाता है।

यह अनुष्ठान विशेष रूप से माँ भगवती की कृपा प्राप्त करने एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने की भावना से किया जाता है।

Benefits

नव चंडी एवं शत चंडी अनुष्ठान से लाभ

शास्त्रों एवं परंपरा के अनुसार प्राप्त होने वाले प्रमुख फल

बाधाओं की शांति

जीवन में आने वाली बाधाओं की शांति के लिए प्रार्थना।

नकारात्मकता से सुरक्षा

नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा की भावना रहती है।

सुख-शांति एवं समृद्धि

परिवार में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की जाती है।

मानसिक शक्ति

मानसिक शक्ति एवं आत्मविश्वास बढ़ाने का आध्यात्मिक प्रयास।

कार्यक्षेत्र में सफलता

व्यवसाय एवं कार्यक्षेत्र में सफलता की कामना की जाती है।

माँ दुर्गा की कृपा

माँ दुर्गा की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास।

Procedure

पूजा विधि

संकल्प से आरती तक — संपूर्ण अनुष्ठान इस क्रम में संपन्न होता है

01

संकल्प पूजा

जातक का नाम, गोत्र एवं पूजा उद्देश्य लेकर संकल्प किया जाता है।

02

गणेश पूजन

सभी विघ्नों की शांति के लिए भगवान गणेश का पूजन किया जाता है।

03

कलश स्थापना

शुभ ऊर्जा एवं देवी आह्वान के लिए कलश स्थापना की जाती है।

04

माँ दुर्गा पूजन

माँ भगवती का विधि-विधान से पूजन किया जाता है।

05

दुर्गा सप्तशती एवं चंडी पाठ

विशेष मंत्रों एवं पाठ का उच्चारण किया जाता है।

06

हवन, आरती एवं प्रसाद

मंत्रों के साथ हवन एवं पूर्णाहुति, फिर आरती और प्रसाद वितरण।

WHO SHOULD

कौन यह पूजा कराए

नव चंडी एवं शत चंडी अनुष्ठान इन परिस्थितियों में कराया जाता है।

लगातार बाधाएं

जीवन में लगातार बाधाएं आने पर।

विशेष मनोकामना

किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए।

व्यापार में उन्नति

व्यापार एवं कार्य में उन्नति की कामना।

शुभ अवसर

गृह प्रवेश, नए कार्य या विशेष अवसरों पर।

अनुभवी वैदिक पंडित
संपूर्ण पूजा सामग्री
संकल्प पूजा
माँ दुर्गा पूजन
दुर्गा सप्तशती पाठ
हवन एवं पूर्णाहुति
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नव चंडी में चंडी पाठ नौ बार किया जाता है, जबकि शत चंडी में यही पाठ सौ बार किया जाता है।
हाँ, उज्जैन में अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा नव चंडी एवं शत चंडी अनुष्ठान कराया जा सकता है।
हाँ, उपलब्ध सुविधा के अनुसार ऑनलाइन संकल्प एवं लाइव पूजा की व्यवस्था की जा सकती है।
सेवा व्यवस्था के अनुसार पूजा प्रसाद उपलब्ध कराया जा सकता है।
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