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मंगल भात पूजा

उज्जैन के श्री मंगलनाथ मंदिर में होने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान, जिसमें भगवान मंगलनाथ को भात अर्पित कर मंगल दोष की शांति और वैवाहिक मंगलकामना की जाती है।

अवधि
2–3 घंटे
पंडित
वैदिक विद्वान
स्थान
मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन
शुल्क
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Significance

मंगल भात पूजा का महत्व

मंगल भात पूजा उज्जैन के श्री मंगलनाथ मंदिर में होने वाला एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है। इस पूजा में भगवान मंगलनाथ (भगवान शिव के मंगल स्वरूप) को पके हुए चावल (भात) अर्पित किए जाते हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, चावल शीतलता का प्रतीक है और इसे मंगल ग्रह की उग्रता को शांत करने के उद्देश्य से अर्पित किया जाता है।

उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। धार्मिक एवं ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार, यहाँ श्रद्धालु मंगल ग्रह की शांति, जीवन में सकारात्मकता और मंगलकामना के लिए यह अनुष्ठान कराते हैं।

उज्जैन का मंगलनाथ मंदिर मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है।

धार्मिक एवं ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार, श्री मंगलनाथ मंदिर में की जाने वाली मंगल भात पूजा का विशेष महत्व है।

Benefits

मंगल भात पूजा से लाभ

शास्त्रों एवं परंपरा के अनुसार प्राप्त होने वाले प्रमुख फल

मंगल दोष शांति

मंगल दोष की शांति की कामना की जाती है।

विवाह बाधा निवारण

विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण हेतु प्रार्थना।

दांपत्य सुख

दांपत्य जीवन में सुख एवं सामंजस्य की मंगलकामना।

शांति एवं आत्मविश्वास

मानसिक शांति एवं आत्मविश्वास में वृद्धि की भावना।

कार्यों में शुभता

भूमि, संपत्ति एवं कार्यक्षेत्र में शुभता की प्रार्थना।

शिव एवं मंगल कृपा

भगवान शिव एवं मंगल देव की कृपा पाने का आध्यात्मिक प्रयास।

Procedure

पूजा विधि

संकल्प से आरती तक — संपूर्ण अनुष्ठान इस क्रम में संपन्न होता है

01

संकल्प एवं गणेश पूजन

संकल्प लेकर सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन किया जाता है।

02

नवग्रह पूजन

नवग्रहों का विधि-विधान से पूजन किया जाता है।

03

शिव एवं मंगल देव पूजन

भगवान शिव एवं मंगल देव का पूजन किया जाता है।

04

मंगल बीज मंत्र जाप

मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगल बीज मंत्र का जाप होता है।

05

भात अर्पण (भात श्रृंगार)

शिवलिंग पर पका हुआ भात अर्पित कर भात श्रृंगार किया जाता है।

06

हवन, आरती एवं प्रसाद

हवन एवं पूर्णाहुति के बाद आरती और प्रसाद वितरण होता है।

WHO SHOULD

कौन यह पूजा कराए

इन परिस्थितियों में श्रद्धालु मंगल भात पूजा कराते हैं।

कुंडली में दोष

जिनकी कुंडली में मंगल दोष बताया गया हो।

विवाह में विलंब

जिनके विवाह में बार-बार विलंब हो रहा हो।

मांगलिक वर-वधू

मांगलिक वर या वधू के लिए।

वैवाहिक सुख-शांति

वैवाहिक जीवन में सुख-शांति चाहने वाले।

अनुभवी वैदिक पंडित
संपूर्ण पूजा सामग्री
संकल्प
मंगल भात पूजा
मंत्र जाप
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पूजा
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पारंपरिक मान्यता के अनुसार, श्री मंगलनाथ मंदिर, उज्जैन इस पूजा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण माना जाता है।
कई सेवा प्रदाता ऑनलाइन संकल्प, लाइव वीडियो और प्रसाद भेजने जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराते हैं।
बेहतर व्यवस्था के लिए 2–5 दिन पहले बुकिंग करना उचित रहता है।
सामान्य मंगल भात पूजा में 2–3 घंटे तथा विशेष अनुष्ठान एवं हवन सहित 3–4 घंटे लगते हैं।
शुल्क हेतु संपर्क करें

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