श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन में शास्त्रोक्त विधि से रुद्राभिषेक — शिव कृपा, आरोग्य, समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति हेतु सर्वोत्तम अनुष्ठान।
अवधि
2–3 घंटे
पंडित
1–3 विद्वान
स्थान
महाकालेश्वर, उज्जैन
शुल्क
₹2,100 से
Significance
रुद्राभिषेक का महत्व
शिव पुराण में रुद्राभिषेक को भगवान शिव की सर्वोत्तम आराधना बताया गया है। रुद्र रूप में शिव का अभिषेक करने से जीवन के ताप, रोग, ऋण एवं ग्रह बाधाएँ शांत होती हैं। उज्जैन का महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है, इसीलिए यहाँ किया गया रुद्राभिषेक विशेष फलदायी माना जाता है।
अभिषेक में जल, दूध, दही, घी, शहद, शर्करा (पंचामृत) तथा गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए रुद्री पाठ किया जाता है। यजमान के नाम एवं गोत्र से संकल्प लेकर विद्वान पंडितों द्वारा यह अनुष्ठान संपन्न कराया जाता है।
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
अर्थ — हम त्रिनेत्रधारी भगवान शिव की आराधना करते हैं, जो सुगंधित एवं पोषण प्रदान करने वाले हैं। रुद्राभिषेक के समय इसी महामंत्र का पाठ किया जाता है।
Benefits
रुद्राभिषेक से लाभ
शास्त्रों एवं परंपरा के अनुसार प्राप्त होने वाले प्रमुख फल
आरोग्य एवं दीर्घायु
रोग, मानसिक तनाव एवं शारीरिक कष्टों में शांति
आर्थिक समृद्धि
धन-धान्य की वृद्धि तथा ऋण एवं व्यापार बाधा निवारण
ग्रह दोष शांति
कुंडली के अशुभ ग्रह प्रभावों का शमन
गृह क्लेश निवारण
पारिवारिक कलह में शांति एवं आपसी सामंजस्य
मनोकामना पूर्ति
संकल्पित इच्छा की पूर्ति हेतु विशेष फलदायी
पितृ एवं वंश शांति
पूर्वजों की कृपा तथा संतान सुख हेतु
Procedure
पूजा विधि
संकल्प से आरती तक — संपूर्ण अनुष्ठान इस क्रम में संपन्न होता है
01
संकल्प
यजमान के नाम, गोत्र एवं निवास स्थान से संकल्प लिया जाता है।
02
गणेश एवं कलश पूजन
विघ्न निवारण हेतु श्री गणेश तथा कलश-वरुण का पूजन।
03
पंचामृत अभिषेक
जल, दूध, दही, घी, शहद एवं शर्करा से शिवलिंग का अभिषेक।
04
रुद्री पाठ
विद्वान पंडितों द्वारा रुद्राष्टाध्यायी एवं महामृत्युंजय मंत्र का पाठ।
05
बिल्वपत्र एवं शृंगार
बिल्वपत्र, भस्म, चंदन एवं पुष्प से महाकाल का शृंगार।
06
आरती एवं प्रसाद
महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण एवं यजमान को प्रसाद प्रेषण।
Best Time
कब कराएं रुद्राभिषेक
इन तिथियों एवं अवसरों पर अनुष्ठान विशेष फलदायी माना जाता है